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प्यार बचपन का

                
                                                         
                            वो मासूम मुस्कान,बचपन की याद आज भी है I
                                                                 
                            
तेरी हर बात,मेरे दिल में आबाद आज भी है II

न कोई इंतज़ार था,न इज़हार की ज़रूरत थी I
बस तेरी एक झलक, मेरे प्यार की हक़ीक़त थी II

वक़्त ने फ़ासले,बहुत बनाए हमारे दरमियाँ I
मुझे आज भी याद है,वो प्यार की नजदीकियाँ II

क्या वो उम्र थी या,कोई मासूम मोहब्बत थी I
चाहा नहीं फिर भी,मिलने की हर पल चाहत थी II

अब न वो गलियाँ हैं,न ही पार्कों सुहानी शाम I
सब कुछ वीरान है,बस यादों में केवल तेरा नाम II

प्यार में कुछ रिश्ते,मुकम्मल है पर अधूरे भी है I
फिर भी विमल के दिल में,तेरा प्यार आज भी है II
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3 महीने पहले

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