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प्यासा के गजल

                
                                                         
                            प्यासा के गजल
                                                                 
                            
आओ चलो बचा लें....
आओ चलो बचा लो,अब देश गाँव सारा।
लगने न पाए दुश्मन, फिर से कहीं दुबारा।

भाई सभी बहन हम, इक गगन के सितारे,
टूटें न भूल से भी, है समय का इशारा।

कोई न ऊंच नीचा,सब फूल इक बगीचा।
मिल कर रहें सभी हम,परिवार यह हमारा।

धरती सजी-धजी है धन धान्य से अपरिमित,
इसको रखें बनाये घर-बार है तुम्हारा।

किस बात की लड़ाई , क्यों भेद-भाव भाई,
झगड़ों नही कलह से कर के चलो किनारा।
 
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एक महीने पहले

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