सावन की ऋतु है आई
साथ में बरखा बहार है लाई
हरियाली ने मन मोह लिया
वृक्ष की लता पता ने
हरे रंग से श्रृंगार किया
मन भी शीतल तन भी शीतल
कुछ ऐसा बौछारों ने काम किया
सावन के झूलों ने मस्त बहारों ने
मन में उमंग और खुशियों का संचार किया
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