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तुमने कुछ नहीं कहा

                
                                                         
                            तुमने कुछ नहीं कहा l
                                                                 
                            
मेरा विश्वास खालीपन में खो गया है,
मेरा भरोसा खो गया है l
उस दिन, धूल भरे रास्ते पर चलते हुए,
रास्ता भटक गया l
एक पेड़ के नीचे आराम भी किया l
उस पेड़ के पत्ते हरे थे l
फिर तुम्हें एक सुरक्षित ठिकाने पर छोड़ दिया l
वापस आते समय, मैं रास्ता भूल गया,
मैं तुम्हें अब भी नहीं भूला हूँ l
मैं अब भी चल रहा हूँ,
कई रास्ते मिलते हैं,
बस समझने और समझाने के लिए-
मैं रास्ता नहीं भटका हूँ l
तुम बोलते नहीं l
मैं एक अकेले रास्ते पर चल रहा हूँ
अकेला, अकेला,
बस चलता हूँ,
अकेला, अकेला,
अकेला, अकेला,
तुम पहले जैसे नहीं रहे l
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46 minutes ago

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