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तुम एक ऐसी स्त्री बनना, सखी

                
                                                         
                            तुम एक ऐसी स्त्री बनना सखी,
                                                                 
                            
जो शिक्षा की पुजारी हो,
आत्मसम्मान से भरी नारी हो।
जिसको जीना आता हो,
ग़मों की दीवार को अपनी समझ से गिराना आता हो।
तुम ऐसी स्त्री बनना सखी,
कि हर माँ-बाप अपने बच्चों को तुम्हारा नाम लेकर प्रोत्साहित करें।
लड़कियाँ तुम जैसी बनने की कल्पनाएँ रखें,
और तुम्हारे माँ-बाप तुम्हारी जैसी बेटी की बलाएँ लें।
तुम ऐसी स्त्री बनना सखी,
जो सही-गलत को परखना जानती हो,
टूटकर भी खुद को संभालना जानती हो,
अपने आप को आत्मनिर्भर बनाना जानती हो।
तुम ऐसी स्त्री बनना सखी,
जिसके मन में चिंगारी हो,
खुद को सुरक्षित रखने के लिए शरीर में शक्ति सारी हो।
अगर इंसान के रूप में छिपे भेड़िए
तुमको नुकसान पहुँचाएँ,
तो तुममें रोने की नहीं,
बल्कि हिम्मत से सब संभालने की समझ भारी हो।
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3 महीने पहले

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