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शक का चक्कर

                
                                                         
                            शक एक जानलेवा बीमारी है
                                                                 
                            
जिसने कई जिंदगी उजाड़ी हैं
शक का रेंगता हुआ कीड़ा
देता है असहनीय पीड़ा
शक विश्वास की नींव हिला देता है
ये अच्छे - अच्छो को रुला देता है
शक परिवार में विस्फोट कराता है
रिश्तों की डोर को उलझाता है
मन में जो आए कर दो उजागर
कभी न ओढ़ो शक की चादर
शक को अपने मन से हटाना है
अगर जीवन में आनंद लाना है |
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
54 minutes ago

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