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सावन का स्पंदन

                
                                                         
                            सावन आते ही पूरा मन झूम उठता है,
                                                                 
                            
हर ओर "बम-बम भोले" का जयघोष गूंजता है।

मंदिर हो या गलियाँ, हर दिशा शिवमय हो जाती है,
भोलेनाथ की भक्ति से सृष्टि मुस्कुराती है।

बेलपत्र, गंगाजल से होता है शिव का श्रृंगार,
भक्तों के हृदय में बसता है भोलेनाथ का प्यार।

कांवड़ियों के कदमों में श्रद्धा का संगीत बहता है,
हर हर महादेव के स्वर में अटूट विश्वास रहता है।

सावन केवल ऋतु नहीं, आस्था का उत्सव है,
जो मन के अंधकार को मिटाकर आत्मा का नवोत्सव है।

शंभू की कृपा से खिल उठता जीवन का हर पल,
भक्ति और प्रेम से महक उठता है सबका प्रतिपल।

यही है सावन का सच्चा संदेश, यही इसका प्रकाश—
महादेव की कृपा से सबमें हो जीवन जीने की आस
— नीता श्रीवास्तव
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2 महीने पहले

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