सुख दुख में साथ निभाए
कमियों में हाथ बढ़ाए।
बिन कहे जो जाने दिल का हाल
सच्चा मित्र वही कहलाए।
ना कोई शर्त ना व्यापार
निस्वार्थ प्रेम संग रखे दुलार।
न कोई पर्दा ना कोई दूरी
खुशियाँ जिनके बिना अधूरी।
ना कोई महफिल ना कोई भव्यता
दिल से दिल का हो सच्चा रिश्ता।
मतलब कि इस दुनिया में
जब हौसला सभी ने तोड़ा।
दोस्त ही सच्चा निकला जिसने
साथ कभी न छोड़ा।
-पायल शर्मा
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