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पिंजरे

                
                                                         
                            पिंजरे में रहने की कहाँ किसी की
                                                                 
                            
फरमाइश होती है,
यहाँ दस्तूरों में जीने की कहाँ किसी
की ख्वाहिश होती है?

ख्वाबों में खोने की आदत इसलिए
होती है,
की हकीकतों में कहाँ कुछ ख्वाब पूरे
होने की गुंजाइश होती है,,
-साक्षी यादव

 
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3 घंटे पहले

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