तेरी पहली छुअन का
वो एहसास,
दिल में हुआ
नए अरमानों का आगाज....
ये किस्सा है
तेरी मेरी मोहब्बत का,
एक हिस्सा है
रब की इबादत का ....
तेरे एक स्पर्श से ही
छुईमुई से सिमट गई थी मैं,
तुझसे दूर होकर भी
तेरी रूह से लिपट गई थी मैं...
अंजुमन में खिले
नई ख्वाहिशों के गुलाब,
आंखों से बहने लगा
खुशियों का सैलाब....
तेरे संग बसाऊ
मैं असबाब,
बन गया है सनम
तू मेरा आफताब...
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