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PCMB का चक्रव्यूह

                
                                                         
                            क्या हुआ होगा मेरे साथ कि,
                                                                 
                            
मैंने PCMB ले लिया,
छोड़ो जाने दो, होगा जरूरी तो ही ले लिया।

हिंदी में तो माहौल खुशनुमा था,
अंग्रेजी भी अपनी पटरी पर ही थी।

लगा ग्रहण मेरी खुशी पे,
निकल पड़ी मैं गणित की 'x' को ढूंढने,
पूरा समय बर्बाद हुआ।
छोड़ गणित मैं पहुँची जीव विज्ञान की ओर,
पढ़ा मानव विज्ञान, आया कुछ करार,
दूसरी ओर जंतु जगत ने मचाई तबाही।

इन सब से सम्भलते निकलते आयी
रसायन की दुनिया,
कार्बन और हाइड्रोजन के सामने खड़ी थी
आवर्त सारणी।

छोड़ सब,
डॉक्टर से करवाया खुद का इलाज,
आया जवाब, डरने की कोई बात नहीं,
ज़रूरत से ज़्यादा सोचने की कोई बात नहीं।

लिया बादाम,
किया आराम,

कमरे से बाहर आने पर पता लगा
भौतिक विज्ञान का 'काला बादल' छा चुका है,
मदहोशी के बाद ऐसी बेहोशी छा गयी
फिर से मैं अस्पताल के बेड पे जा पड़ी।
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एक घंटा पहले

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