रंग रोगन की महक ने,
मेरा घर का कोना कोना सजा दिया,
रंग रोगन के नूर ने,
घर की दीवारों को चमका दिया,
ये मेरे देश की माटी है जनाब,
इसकी खुशब ने हमारा घर महका दिया,
ये सिर्फ रंग रोगन नहीं है साहब,
मेरे सपनों का रंग है,
मेरी माटी का रंग है,
मेरी कलम का रंग है।
-आकांक्षा गुप्ता
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