"हमने ख़ामोशी को अपना उसूल बना लिया,
जहाँ शब्द हार गए, वहाँ मौन अपना लिया.... "
-संजय श्रीवास्तव
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X