बड़ी खुशनसीब हो गई मेरी किस्मत
ये दो उपहार मिले जो खुदा से
अर्ली मेरी दुआ है गीत मेरी रहमत
सलामत रहे यही मेरी दौलत
खुदा इनको सबकी नजर से बचाए
और दुख दर्द सारे गमों से बचाए
कदमों में इनकी कामयाबी लिख दे
इतना इन्हें ताबिले काबिल बनाए
इनके लिए रोज सजदा करती हूं मैं
माथे पर नजर का काला टीका लगाती हूं मैं
स्वर्ग से सुन्दर जहान हो इनका
खुदा से यही इफ्तजार करती हूं मैं
एक को डांट दूं तो रात को चादर उड़ती हूं
दूसरी के गिरने से पहले खुद की आत्मा को रूलाती हुं
लोग पूछते हैं दोनों में से ज्यादा प्यार किससे है
एक को दिल, दूसरी को जान हंसकर बताती हूं
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