करवा चौथ का दिन है आया,
सोलह श्रृंगार करने का सम्मान मैने पाया,
माँग में सिंदूर सजा कर,
हाथों में मेहंदी लगा कर,
बालों में गजरे सजा कर,
न भूख लगी है, न प्यास,
सिर्फ तुम्हारे लम्बी उम्र की ,
मन में कामना बसी है,
तुम हो तो मैं हूं,
तुम्हारी मुस्कान में ही
मेरी मुस्कान बसी है।
- आकांक्षा गुप्ता
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