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जीने को तो ये जहां अपना

                
                                                         
                            जीने को तो ये जहां अपना है
                                                                 
                            
ये आसमान अपना है
रास्ते आसान मिले या मुश्किल सही
पर उन पर चलने का तो हौसला अपना है
जीने को तो ये जहां अपना है ,ये आसमान अपना है........

गिरते हैं ,समझते हैं
संभल कर फिर चल देते हैं
लोग क्या कहेंगे छोड़ो इन बातों को
ज़िक्रो का तो किस्सा मुद्दतों से अपना है
जीने को तो ये जहां अपना है, ये आसमान अपना है...........

दुनिया अगर कुछ कह भी दे
रास्तों और राहों पर तो हमको चलना है
हिम्मत रखो जहां जीतने की ,क्योंकि
हर कदम-कदम पर इम्तिहान अपना है
जीने को तो ये जहां अपना है, ये आसमान अपना है............
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

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