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"जन्मदिन - इश्क़ का त्यौहार"

                
                                                         
                            *आज सपने में आकर उसने पूछा...*
                                                                 
                            
वो दिन आ रहा है जब मैं इस दुनिया में आया था,
क्या तुम उस दिन को खूबसूरत बनाओगी?
क्या दो पल अपनी ज़िन्दगी के मेरे साथ बिताओगे?
हँस कर मैंने कहा, "हाँ बाबा, क्यों नहीं..."
वो दिन मेरे लिए हमेशा सबसे खूबसूरत रहेगा,
जिस दिन मैंने आपको हमेशा के लिए अपना बना लिया था।
और उससे भी खूबसूरत वो दिन है,
जिस दिन आप सिर्फ मेरे लिए इस दुनिया में आये हो...
*और सुनो ना...*
तुम्हारे आने से मेरी दुनिया पूरी हुई है,
तुम्हारे बिना तो हर खुशी अधूरी हुई है।
तुम्हारा जन्मदिन नहीं, मेरे इश्क़ का त्यौहार है,
तुम ही तो मेरे हर ख्वाब का सिंगार है।
खुदा से बस एक ही दुआ माँगती हूँ,
हर जन्म में तुम मेरे ही रहो, यही चाहती हूँ।
तुम हँसते रहो, यूँ ही मुस्कुराते रहो,
मेरी हर साँस में, मेरी धड़कन में बस तुम ही तुम रहो।
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 घंटे पहले

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