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ख़ैर हम बोल पाए या जो भी

                
                                                         
                            ख़ैर हम बोल पाए या जो भी
                                                                 
                            
बुलबुले बुलबलाए या जो भी
कुछ नहीं था मेरा होना यक़ीनन
और हम खिलखिलाए या जो भी
पेश करते हैं दिल इक टूटा हुआ
ख़्वाब से जगमगाए या जो भी
डूब मरने का इरादा तो नहीं
ये सब हैं सिर्फ़ साए या जो भी
मैं इनके ही मुताबिक रहता हूं
आप अब मुस्कुराए या जो भी
मैं अपने ज़ख्म छेड़ता हूं ख़ुद
आप कहने पे आए या जो भी
नतीजा उसका ये हुआ है हुजूर
टली जिस सू बलाए या जो भी
हमको पागल करार दे डालो
लाश कूड़े में जाए या जो भी
'रंग' मैं ये सुख़न नहीं कहता
मेरा कहना सिवाए या जो भी
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2 महीने पहले

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