तुम्हें देखते-देखते शाम हो गई,
तुम्हारी मुस्कान मेरी शाम भी ले गई।
और तुम कहती हो क्या खास बात है मुझमें,
तुम्हारी जुल्फ़ मेरी जान ले गई।
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