कुछ सवाल बिना जवाब के छोड़ देते हैं,
कुछ किस्से बिना जीत-हार के छोड़ देते हैं।
वो हर बात को पकड़ कर बैठ जाते हैं,
हम ख़ामोशी से सब सुन के छोड़ देते हैं।
वो लगे हैं इश्क़ को बर्बाद करने में,
हम ख़ुद को ही बर्बाद समझ के छोड़ देते हैं।
वो लाख जतन कर लें मिटाने का हमें,
हम उल्फ़त में बस मुस्कुरा के छोड़ देते हैं।
लोग बेवजह ही हर बात पे उलझते हैं,
हम प्यार की ख़ातिर सब भुला के छोड़ देते हैं।
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