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शायरी का तरीका आया

                
                                                         
                            यादें भुलाने की जद्दोजहद में और याद आया।
                                                                 
                            
इश्क इल्ज़ाम तक पहुँचाने का तरीका आया।।

हालचाल पूछने की जुर्रत ना उसमें ना मुझमें।
उसे और मुझे खामोश रहने का तरीका आया।।

बदल जाने की फितरत अपनी-अपनी ही होगी।
नायाब तरीके से जिंदा रहने का तरीका आया।।

अन्दर तबाही की आँधी है बाहर हवा माफ़िक।
दीवानगी में 'उपदेश' शायरी का तरीका आया।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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23 घंटे पहले

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