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सेवा भाव

                
                                                         
                            अपनापन नसीब से नही सेवा-भाव से आता।
                                                                 
                            
एहसास पैदा बेवजह नही होता प्यार से आता।।

जीवन के सफर में तरह-तरह के लोग मिलते।
ज़रूरत पर माँगता दुर्व्यवहार उधार से आता।।

मेरे हिस्से में तकलीफें बढ़ाने वाले अपने लोग।
महबूब के साथ निभाने में मजा सुधार से आता।।

तमन्ना पूरी हुई नही उनके साथ रहकर 'उपदेश'।
तन्हाई कचोटती रही अपनापन उद्गार से आता।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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2 महीने पहले

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