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कुछ सोच कर रोक लेता खुद को

                
                                                         
                            तुम्हारी खुशबू हर तरफ फैले
                                                                 
                            
मगर इधर भी आनी चाहिए।
शर्त पर जाना नही 'उपदेश'
प्यार की सूरत बदलनी चाहिए।।

फ़ैसला तेरा पहले भी अब भी
बस थोड़ा फ़ासला बदलना चाहिए।
यादों के सहारे ख्वाहिशे जिंदा
एहसास की चाल बदलनी चाहिए।।

कुछ सोच कर रोक लेता खुद को
उम्र का क्या उड़ान भरनी चाहिए।
हौसलाअफजाई कोई करता नही
बस तुम्हारी नजर इनायत चाहिए।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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2 महीने पहले

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