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प्रेम की धारा

                
                                                         
                            प्रेम की धारा एक गुप्त सुरंग में बहती।
                                                                 
                            
प्रेमी के स्पर्श में 'उपदेश' मगरूर होता।।

- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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41 मिनट पहले

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