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एक एहसास के लिए उसे धन्यवाद।

                
                                                         
                            प्रेम का होना अपने बस में कहाँ।
                                                                 
                            
उसके बिना सूना सूना लगता जहाँ।।

उसके होने की खुशी भीतर खिली।
उसे खिलाए रखना मेरे बस में कहाँ।।

हर प्रेम को मुकाम मिले सम्भव नही।
उसे पाने की जिद्द मत करना यहाँ।।

एक एहसास के लिए उसे धन्यवाद।
भीतर प्रेम 'उपदेश' खुशबू जाने जहाँ।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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4 घंटे पहले

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