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मोहब्बत में मजबूरी

                
                                                         
                            मोहब्बत में मजबूरी होती लोक लाज की।
                                                                 
                            
मूलधन छोड़कर 'उपदेश' चढ़ते व्याज की।।

- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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3 घंटे पहले

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