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मोहब्बत ऐसी

                
                                                         
                            मोहब्बत से निकल आने के आसार नही।
                                                                 
                            
एतबार दरकने लग जाए वो एतबार नही।।

वो कहे या न कहे या सुने मेरी या न सुने।
तकरार हो सकती मगर कभी इंकार नही।।

ऐसी मोहब्बत किसी किसी के नसीब में।
पल भर में एक हो जाते कहीं दुत्कार नही।।

पहल किसने की उन बातों को याद कर।
दोहराते रहते कई बार किसी में सुधार नही।।

जीना हो सकता उनके बिना मगर 'उपदेश'।
उनके रहते हुए कह नही सकते प्यार नही।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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2 महीने पहले

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