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मेरा सनम

                
                                                         
                            नुकस निकालकर दिल में मेल भर दिया।
                                                                 
                            
मोहब्बत अब भी मगर दर्द का सिला दिया।।

उसे क्या चाहिए लगता बदल गया 'उपदेश'।
बाबू कहकर रोया था आज चूलें हिला दिया।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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2 महीने पहले

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