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उत्तरी ध्रुव दक्षिणी ध्रुव चुम्बक से

                
                                                         
                            अगर तुम आज गुजर गए तो क्या सच में।
                                                                 
                            
अपनी जिंदगी रुक जाएगी यहाँ हकीकत में।।

रिश्तों की महफिल में यों चर्चा अगर होगी।
मतलबी लोग निकलकर आयेगे हकीकत में।।

जिम्मेदारियाँ निभाना चाहिए जरूर हमको।
थोड़ा अपने लिए जीकर देख लो हकीकत में।।

दुनिया घूम रही उससे जिंदादिली बरकरार।
इसमें कोई आकर्षण छिपा होगा हकीकत में।।

उत्तरी ध्रुव दक्षिणी ध्रुव चुम्बक से प्रभावित।
वैसे ही 'उपदेश' मोहब्बत हो जाती हकीकत में।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

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