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महसूस किया दिल में टहलना

                
                                                         
                            मैंने महसूस किया दिल में टहलना तेरा।
                                                                 
                            
तन्हाई में सुनाई दिया फुसफुसाना तेरा।।

जानता हूँ तुम भी अकेले में याद करती।
उसने आसान कर दिया बेदर्द जीना मेरा।।

कौन बतायेगा मुझे हालचाल दिल का।
अच्छा लगता वक्त पर बात करना तेरा।।

तुम्हारा प्यार मुझे हद में नही रहने देता।
कोई तो रोकता है हद से गुजरना मेरा।।

इंसान हूँ कोई फरिश्ता तो नही 'उपदेश'।
अब देखा नही जाता नजर में उभरना तेरा।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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17 घंटे पहले

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