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बादल पानी ले जाते अपने साथ में।

                
                                                         
                            तल पर लहरों का शोर मचा होता।
                                                                 
                            
गहराई में सब्र भी ठहरा हुआ होता।।

समुन्दर के तट पर जो घूमने आते।
उनकी खामोशी में प्रेम छुपा होता।।

तन्हाई चीखती सुनाई पड़े अन्दर।
महबूब की यादो का धुँआ उठता।।

सच नजरअंदाज करे भी कितना।
अन्दर धड़कनों का अभाव दिखता।।

बादल पानी ले जाते अपने साथ में।
उनका साथ देने में सद्भाव दिखता।।

अनमोल निशानी की एक कहानी।
कहानी का 'उपदेश' प्रभाव दिखता।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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2 महीने पहले

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