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किसी के वास्ते जरा भी बैर नही

                
                                                         
                            किसी के वास्ते जरा भी बैर नही रखते हम।
                                                                 
                            
अपनी सोच का 'उपदेश' हिसाब रखते हम।।

- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 सप्ताह पहले

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