पत्थर को मोम बनाने की पहल में लगी।
खुद मोम से पत्थर होने लगी मुँह लगी।।
मेरा इशारा उसकी खामोशी तक न रहा।
खामोशी किसी को सिर दर्द लगने लगी।।
इतना हौसला मिला और क्या चाहिए उसे।
कोई उससे पूछे जिंदगी कैसे बदलने लगी।।
खुशी की बात होगी अगर पसन्द हो तुम्हें।
फुर्सत उसकी फुर्र हुई जब से लिखने लगी।।
वह बीती बातों का अफ़सोस नही करती।
व्यस्तता चाहिए 'उपदेश' उसे मिलने लगी।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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