हम जानते है ये खेल शतरंज का है मगर।
प्यादे भी कमाल दिखाते हैं एक वक्त पर।।
हवा धीरे-धीरे बहें तब तक ठीक समझो।
आँधी बन जाए तो पेड़ उजाड़े इधर-उधर।।
जैसे मौसम बदला शोर करने लगे 'उपदेश'।
मेढक की तरह रहना ध्यान से सुनो उत्तर।।
किस तरह तबाह कर रहे तमाम जनता को।
कमाल दिखाना पड़ेगा राह सूझेगी नही अगर।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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