अपने-आप कर सही गलत का हिसाब।
जो रख लिया भूल जा आगे कर हिसाब।।
लोगों ने दीवारें बनाई हमारा क़ुसूर नही।
हम तो एक एक झिरी का रखते हिसाब।।
पाखण्ड की रेखाओ का क्या करे जिक्र।
मोहब्बत करने वालों का रखती हिसाब।।
कुछ रह गया बाकी उसको भी सम्हालते।
तुम्हारी गलती से बिगड़ जाएगा हिसाब।।
भरम पाल कर रखे मरने के बाद जायेगे।
जब तक जिंदा है रहेगा मेरा तेरा हिसाब।।
सही गलत अच्छे बुरे की परिधि में रहकर।
सब कुछ दिया 'उपदेश' नाकाफी हिसाब।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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