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इलाज कीजिए

                
                                                         
                            दर्द बढ़ाते क्यों खुद का इलाज कीजिए।
                                                                 
                            
यादों को इस तरह सम्भाला ना कीजिए।।

मजबूरी में रास तुमको तन्हाई आ रही।
ग़मों का बोझ दिल में पाला ना कीजिए।।

इन साँसों का क्या कब अकेला छोड़ दें।
मोहब्बत जरूरी काम टाला ना कीजिए।।

आजकल वीडियो कॉल से आराम जहाँ।
बेतुकी बातों को और उछाला ना कीजिए।।

छुट्टी का बहाना अब हुआ पुराना 'उपदेश'।
झूठी शरारत से मुझे उबाला ना कीजिए।।

- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद
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6 घंटे पहले

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