फ़िदा होते हैं लड़के हर लड़की को देखकर।
तारीफों का पुल बनाते बखूबी करीब आकर।।
खूबसूरती का बयाँ करना शुरू ही किया था।
तमाशा बनने लगा एक रिश्तेदार के आने पर।।
खुदा का ख़ैर रहा लड़की ने सम्भाला मोर्चा।
वर्ना लेने के देने पड़ जाते सयाना बनने पर।।
सदियों से गहरी आस्था ल़डकियों की व्रत में।
मन्नत पूरी हो जाती बरबाद में सूत लपेटने पर।।
खुशनसीब वो लड़कियाँ जिनकी मुराद पूरी।
देखा गया 'उपदेश' नदी में सिक्के फेंकने पर।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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