वो समझते मेरा दिल दुखा।
मैं भी समझता दिल दुखा।।
धूप-छाँव की अठखेलियों से।
बेशक 'उपदेश' दिल दुखा।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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