बात करना भी गुनाह अगर लगता है उन्हें।
फिर उसकी सजा 'उपदेश' क्यों दे रहे हमें।।
दिल पर पत्थर रख लिया हटाया ना गया।
तब झगड़ा करे खुलकर ताने सुनाये हमें।।
कमाल की खामोशी या बीमारी हुई कोई।
इलाज बहुत जगत में जरा इत्तला करे हमें।।
मैसेज भी अगर लगता उन्हें गोली की तरह।
एक गोली दागकर बेशक घायल करे हमें।।
इस तरह अब ना रह पायेंगे बिना बात किये।
मोहब्बत में अलविदा कहकर ज़ख्म दें हमें।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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