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बात होती नही

                
                                                         
                            बात होती नही तो क्या ख्याल करना छोड़ दूँ।
                                                                 
                            
खुद से बाते कर सकते एतबार करना छोड़ दूँ।।

अपनेपन के लिए वक्त निकालना जरूरी होता।
उन्हें वक्त ना मिला तो व्यवहार करना छोड़ दूँ।।

हर चीज माँगने से मिलने लगे इससे अच्छा क्या।
नगद से काम चलने लगे तो उधार करना छोड़ दूँ।।

सफर का साथी अगर मजबूर लगने लगे 'उपदेश'।
जबाव उससे ना मिले तो इंतजार करना छोड़ दूँ।।

हमारी बात और अपनी जगह उनकी बात और।
गुंजाईश रखना मेरा काम उपकार करना छोड़ दूँ।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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एक घंटा पहले

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