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बचपन अच्छा रहा

                
                                                         
                            तन्हा जिंदगी का बोझ बढ़ता ही जा रहा।
                                                                 
                            
इससे तो बचपन ही 'उपदेश' अच्छा रहा।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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5 घंटे पहले

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