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अदा की धनी का दगा देना

                
                                                         
                            एक तो दूरी उस पर अन-फ्रेंड कर देना मुझे।
                                                                 
                            
अजब-गजब तरीके से दर्द से भर देना मुझे।।

गुफ़्तगू की जरूरत मेरी नही तेरी भी होगी।
शोभा नही देता बिना बताए सजा देना मुझे।।

कितना आसान है रूठ कर सामने न आना।
और दिल पर पत्थर रखकर जला देना मुझे।।

हम तो इस वक्त चुप रहकर तमाशबीन बने।
उसके ऊपर अदा की धनी का दगा देना मुझे।।

किस तरह याद के रास्ते आ जाती 'उपदेश'।
अच्छा नही ख्वाब के बीच में जगा देना मुझे।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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6 घंटे पहले

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