सिर्फ अंधेरा नहीं होता दिन ढलने के बाद
एक फूल मुर्झा जाता है दिन ढलने के बाद
एक पंछी घर से खो जाता है दिन ढलने के बाद
चमकते तारे टूट जाते है दिन ढलने के बाद
सिर्फ अंधेरा नहीं होता दिन ढलने के बाद
जिने की उम्मीद टूट जाती है दिन ढलने के बाद
आंखों के पास समुद्र आ जाते हैं दिन ढलने के बाद
सवेरा बहुत दूर चला जाता है दिन ढलने के बाद
सिर्फ अंधेरा नहीं होता दिन ढलने के बाद
कोई अकेला रह जाता है दिन ढलने के बाद
कोई याद आ जाता है दिन ढलने के बाद
चहरा उदास हो जाता है। दिन ढलने के बाद
सिर्फ अंधेरा नहीं होता दिन ढलने के बाद
खुद पे शर्म आती है दिन ढलने के बाद
खुदा से शिकायत होती है दिन ढलने के बाद
एक उमर कम हो जाती है दिन ढलने के बाद
सिर्फ अंधेरा नहीं होता दिन ढलने के बाद
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