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याद किसको करोगे ?

                
                                                         
                            मिल जाये अगर सब कुछ तो,
                                                                 
                            
याद करोगे किसको,
सजदा जब करोगे तो,
फरियाद करोगे किसको।

अगर पूरी हुई हर एक ख्वाहिशइस
इस जहान में,
तो हाथ उठा कर रब के आगे,
याद करोगे किसको।

जिंदगी का मजा तो बस उन
अधूरे ख्वाबों में है,
मुकम्मल अगर हो गयी दास्तान,
तो याद करोगे किसको।

मजा है तभी तक जब तक
पाने की चाहत हो,
जो मिट गयी दिल से हर एक दूरी,
तो याद करोगे किसको।

खोने का डर ही बढ़ाता है
कीमत हर चाहत की,
जो सब कुछ मिल ही गया तो फिर,
याद करोगे किसको...
-त्रियंबक मिश्रा
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2 महीने पहले

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