वो तो अबके बरस भी नहीं आएगा
बैरी सावन मुझे और तड़पाएगा
"पी कहाँ, पी कहाँ" बोल डस जाएँगे
मेरा झगड़ा पपीहा से हो जाएगा
— त्रिशिका धरा
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X