स्वतंत्रता की वीर गाथा, हम गाते जाये
कदम से कदम मिलाकर हम आगे बढ़ते जाये।
होते हे वो वीर बलिदानी
जिनके कदम कभी रुक ना पाये।
हे शीना फौलादी जिनका
वो ना कभी दुश्मन को पीठ दिखाये।
हे रोशन जिससे अपना जहान
क्यों ना हम उनको शीश नवाये।
स्वतंत्रता की वीर गाथा, हम गाते जाये
कदम से कदम मिलाकर हम आगे बढ़ते जाये।
जो भी देखे भारत माँ को बुरी नजर से
उसको धूल चटाये।
ऐसे वीर भारत माँ के
ना कभी पीछे कदम हटाये।
चाहे जान भले ही जाये
कदम आगे बढ़ते ही जाये।
स्वतंत्रता की वीर गाथा, हम गाते जाये
कदम से कदम मिलाकर हम आगे बढ़ते जाये।
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