घर फूंकने की हमको इजाजत न मिल सकी
रुसवाइयों की राह में राहत न मिल सकी
बर्बादियों का जश्न मनाने चले थे हम
हमको बहार आई तो फुरसत न मिल सकी
हैं ताकती ये लोग तो अफसोस क्या करें
राहत की मंडियों कोई राहत न मिल सकी
लाशें बिछा के कौन ये सड़कों में घूमता
कातिल हैं सामने औ हकीकत न मिल सकी
ये ख्वाहिशें बसंत की अब क्या बताएं हम
बीमार को वो पहली तबीयत न मिल सकी
कब फूल कुछ उमंग के आँगन में खिल सके
जो देवता चढ़ा सकूं , आदत न मिल सकी
क्या- क्या नहीं मिला है जमाने से आज तक
इक आख़िरी सी मांग थी चाहत न मिल सकी
तुझसे थी दोस्ती की तलब हमको ज़िन्दगी
थी मौत सामने तो हिदायत न मिल सकी
पूजा है बारहा कहीं पत्थर रखा मिला
देखो नसीब की लिखी दौलत न मिल सकी
लो आज हमने पाई जमाने की हर ख़ुशी
पर राजसी अकड़ की सहूलत न मिल सकी
तुझपे किया था हमने भरोसा बहुत सुशील
तुझसे ही दोस्ती भी सलामत न मिल सकी
-सुशील यादव दुर्ग
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