पीड़ा पत्थर वन जाता हे |
पत्थर का सीना चिर,
आँशुओं की नदी बहती रहती हे |
वोह नदी गम के समंदर में समा जाते हैँ |
मौन एक कला हे |
एक साधना हे |
अंतर्मन से जुड़ने का साधन हे |
हर समस्या का समाधान हे |
मौन कोई कमजोरी नहीं,
वोह सवसे बलवान हे |
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