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जीवन की लयता

                
                                                         
                            जीवन की लय पर चलता चल,
                                                                 
                            
अपनी मंजिल पे बढ़ता चल,
निज राह तुझे है तय करनी,
राहों की मुश्किल भी सहनी॥

जीवन होता संगीत भरा,
पायल रूनझुन सा गीत भरा,
नित नई चाल चलता जीवन,
बहती नदिया सा है जीवन॥

हर रोज तुझे नई राहों में,
मुश्किलें अनेक मिल जाएंगी,
इसलिए राह के राही तू,
नित नई राह अपनाता चल॥

रूकना है नहीं चलते जाना,
प्रतिदिन तुझको बढ़ते जाना,
खोना नहीं तुझे है पाना,
खोकर भी तुम ना घबराना॥

आशाओं का दीप जलाकर,
राहें तुम्हें नजर आएगीं
तम का कहीं नाम ना होगा,
दिव्य रोशनी छा जाएगी ॥

सुषमा शर्मा
प्लाट नंबर 222, भूतल,
सैक्टर-5 , वैशाली, गाजियाबाद॥

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4 वर्ष पहले

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