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प्रकृति की सीख

                
                                                         
                            आओ बच्चों तुम्हें मिलाएं,
                                                                 
                            
प्रकृति से आज,
देखें प्रकृति के कण-कण में,
छिपा है क्या ज्ञान।

सूरज चाचू को देखो ऊपर,
रोज समय पर आएं-जाएं,
अनुशासन में रहना बच्चों,
हमको यह रोज सिखाएं।

फूलों को तुम उपवन में देखो,
खिल-खिलाएं और लहराएं,
हमेशा तुम मुस्कुराते रहो,
यह हमें सिखलाएं।

पेड़ों को देखो तन के खड़े,
चाहे बारिश या धूप आए,
हर मुश्किल का डटकर करो सामना,
यह हमें सिखाएं।

मधुर वाणी में देखो पक्षी,
सुबह-सुबह जब चहकाएं,
समय पर उठना तुम बच्चों,
यह हमको सिखलाएं।

प्रकृति भी हमारी एक शिक्षक,
जो हर कदम पर हमें शिक्षा देती जाए।
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एक घंटा पहले

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